बाराबंकी के एक विद्यालय में कक्षा के भीतर निकले सांप के काटने से छात्र की मृत्यु की घटना के बाद अम्बेडकरनगर जिले में परिषदीय विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी क्रम में जिले के कई सरकारी विद्यालयों का निरीक्षण किया गया, जिसमें मूलभूत सुविधाओं और रखरखाव से जुड़ी कई कमियां सामने आईं।

निरीक्षण के दौरान करीब आधा दर्जन परिषदीय विद्यालयों में बारिश के कारण जलभराव, जर्जर भवन, उखड़ता प्लास्टर और विद्यालय परिसर में उगी घनी घास जैसी समस्याएं देखने को मिलीं। इन परिस्थितियों को देखते हुए अभिभावकों ने बरसात के मौसम में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

निरीक्षण के दौरान कई विद्यालय परिसरों में बारिश का पानी जमा मिला। कुछ स्कूलों की दीवारों से प्लास्टर उखड़ रहा था, जबकि कई स्थानों पर भवनों के आसपास और परिसर में घनी घास उगी हुई थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में ऐसी परिस्थितियों में सांप और अन्य जहरीले जीव विद्यालय परिसर तक पहुंच सकते हैं, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

अभिभावकों का कहना है कि विद्यालयों में नियमित साफ-सफाई, घास की समय पर कटाई और जलनिकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में विद्यालय परिसरों की निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ भवनों की सुरक्षा जांच भी नियमित रूप से होनी चाहिए, ताकि बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ विद्यालयों में भवनों की मरम्मत लंबे समय से प्रस्तावित है, लेकिन आवश्यक कार्य अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं। जर्जर दीवारें और उखड़ता प्लास्टर विद्यालयों के रखरखाव की स्थिति की ओर संकेत करते हैं। ऐसे भवनों में समय पर मरम्मत कराना आवश्यक माना जा रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पूनम मिश्रा ने बताया कि विभाग सभी विद्यालयों में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर ग्राम पंचायतों और प्रधानों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है। विभाग ने संबंधित ग्राम पंचायतों के साथ समन्वय स्थापित कर जलभराव की निकासी, साफ-सफाई, घास कटाई तथा अन्य आवश्यक कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए हैं।
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