दिल्ली पुलिस के जनकपुरी थाना पुलिस ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित रूप से नकल कराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के इस्तेमाल की शिकायत मिलने के बाद की गई। जांच के दौरान विशेष रूप से तैयार किए गए मोबाइल फोन, ब्लूटूथ उपकरण, नैनो ईयरबड, टैबलेट, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2) तथा सार्वजनिक परीक्षाएं अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार 26 जुलाई 2026 को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की ओर से शिकायत दी गई कि जनकपुरी स्थित केंद्रीय विद्यालय के परीक्षा केंद्र पर एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थी अनुचित साधनों का उपयोग कर रहे थे।
जांच के दौरान एक महिला अभ्यर्थी के पास से विशेष रूप से तैयार किया गया मोबाइल फोन बरामद हुआ। वहीं एक अन्य अभ्यर्थी हेमंत के पास से ब्लूटूथ उपकरण, सिम कार्ड और नैनो ईयरबड मिले। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए गए।
पुलिस पूछताछ में आरोपी हेमंत ने बताया कि उसके भाई रिंकू ने वीरेंद्र के माध्यम से 12 लाख रुपये में ब्लूटूथ उपकरण और सिम कार्ड की व्यवस्था की थी, ताकि परीक्षा के दौरान बाहर से उत्तर प्राप्त किए जा सकें। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने रिंकू और वीरेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया।
दूसरी ओर महिला अभ्यर्थी ने पुलिस को बताया कि उसकी परिचित सन्नी ने उसे विशेष मोबाइल फोन, ब्लूटूथ उपकरण, सिम कार्ड और नैनो ईयरबड उपलब्ध कराए थे। इसके लिए 10 लाख रुपये का सौदा तय हुआ था।
जांच के दौरान सन्नी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने दीपक की भूमिका की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार सन्नी और दीपक के बीच 8 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।
तकनीकी निगरानी, सामाजिक माध्यमों के विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कथित रूप से खुलासा किया कि वह सोनू कुमार उर्फ सोनू मान के निर्देश पर काम कर रहा था, जिसे पुलिस इस गिरोह का कथित मास्टरमाइंड मान रही है।
पुलिस के अनुसार आगे की तकनीकी जांच और खुफिया सूचना के आधार पर हरियाणा के चरखी दादरी स्थित दादरी बाइपास रोड पर कार्रवाई की गई। यहां से सोनू कुमार उर्फ सोनू मान को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी के समय वह एक अन्य सरकारी भर्ती परीक्षा में भी कथित रूप से नकल कराने की गतिविधियों में शामिल था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद सामान में विशेष रूप से तैयार किए गए मोबाइल फोन, ब्लूटूथ उपकरण, नैनो ईयरबड, सिम कार्ड, विदेशी व्हाट्सऐप खाते से जुड़ा एक टैबलेट, अन्य मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कथित आपत्तिजनक दस्तावेज शामिल बताया है
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सन्नी दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी इरविन कॉलेज में प्रयोगशाला परिचर के पद पर कार्यरत है। जांच में सामने आया कि वह कथित तौर पर अभ्यर्थियों की पहचान कर उन्हें गिरोह से जोड़ने का काम करता था। दीपक बारहवीं तक शिक्षित है और पुलिस के अनुसार वह अभ्यर्थियों की व्यवस्था करने तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उपलब्ध कराने में कथित भूमिका निभाता था। सोनू कुमार उर्फ सोनू मान चंडीगढ़ अग्निशमन विभाग में अग्निशमन कर्मी के पद पर कार्यरत बताया गया है। पुलिस का आरोप है कि वह पूरे नेटवर्क का संचालन करता था तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और उत्तर भेजने की व्यवस्था करता था।
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