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होर्मुज बंद, दुनिया परेशान: ऐसे में भारत पर टिकी ईरान की नजर, दिया बड़ा बयान

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Bureau News Desk
06 Apr 2026
01:08 PM
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होर्मुज बंद, दुनिया परेशान: ऐसे में भारत पर टिकी ईरान की नजर, दिया बड़ा बयान

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच ईरान ने भारत की कूटनीति की खुलकर सराहना की है। ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने कहा है कि भारत इस तनावपूर्ण स्थिति में बड़ी और सकारात्मक भूमिका निभा सकता है। इसी दौरान होर्मुज स्ट्रेट के बंद रहने से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ रहा है।

 

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को एक महीने से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक न तो युद्धविराम पर सहमति बन सकी है और न ही स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज खोलने पर कोई ठोस निर्णय हुआ है। इस बीच पाकिस्तान, मिस्र और टर्की द्वारा मध्यस्थता के प्रयास जारी हैं, हालांकि अभी तक कोई अंतिम समझौता सामने नहीं आया है।

 

ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने भारत की कूटनीति की सराहना करते हुए कहा कि भारत इस मुद्दे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, उन्होंने कहा, “इंडियन डिप्लोमेसी बहुत अच्छी है और वे इस मुद्दे में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।” यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अल्टीमेटम दिया है।

 

इससे पहले ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली भी भारत की संतुलित विदेश नीति की प्रशंसा कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि भारत तनाव कम करने और संवाद को आगे बढ़ाने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।

 

 

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने हाल ही में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान अराघची ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल औद्योगिक ढांचों, अस्पतालों, स्कूलों और परमाणु केंद्रों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

 

फारस और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ईरान ने बंद कर दिया है। हालांकि, ईरान के सहयोगी देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जा रही है, लेकिन अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों के जहाजों को रोकने की चेतावनी दी गई है।

 

इस रणनीतिक समुद्री मार्ग के बंद होने से वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पश्चिम एशिया भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख स्रोत रहा है, ऐसे में इस स्थिति का सीधा असर भारत की ऊर्जा और उर्वरक सुरक्षा पर पड़ सकता है।

 

भारत ने हाल के हफ्तों में पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए हैं।

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