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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 20 मई को देशव्यापी बंद का ऐलान, केमिस्ट संगठनों ने उठाए बड़े सवाल

भारी छूट और नकली दवाओं की आशंका को लेकर दवा व्यापारियों का विरोध तेज, आपात स्थिति के लिए टोल फ्री नंबर जारी
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Bureau News Desk
18 May 2026
10:24 PM
1 min read
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 20 मई को देशव्यापी बंद का ऐलान, केमिस्ट संगठनों ने उठाए बड़े सवाल
हाइलाइट्स
भारी छूट और नकली दवाओं की आशंका को लेकर दवा व्यापारियों का विरोध तेज, आपात स्थिति के लिए टोल फ्री नंबर जारी

 

ऑनलाइन दवाओं की बिक्री और भारी छूट के विरोध में ऑल इंडिया केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने 20 मई को देशव्यापी बंद का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री के वर्तमान प्रावधानों के कारण पारंपरिक दवा व्यापार प्रभावित हो रहा है और बाजार में नकली दवाओं की आशंका भी बढ़ रही है। चार वर्षों बाद दवा बाजार बंद करने की घोषणा को लेकर दवा कारोबारियों के बीच हलचल तेज हो गई है।

 

एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री का प्रावधान कोविड काल के दौरान बनाया गया था, लेकिन वर्तमान समय में इसका दुरुपयोग होने की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट ही दवा बेच सकता है, जबकि ऑनलाइन दवा कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। संगठन ने सवाल उठाया कि जब दवा कारोबार में मुनाफे की सीमा तय है, तो ऑनलाइन कंपनियां अत्यधिक छूट देकर दवाएं कैसे बेच रही हैं।

 

उन्होंने कहा कि इतनी कम कीमत पर दवा बेचे जाने से यह संदेह उत्पन्न होता है कि या तो दवाएं नकली हैं या फिर किसी प्रकार का फर्जीवाड़ा हो रहा है। एसोसिएशन ने मांग की है कि ऑनलाइन दवा कंपनियों की खरीद और बिक्री प्रक्रिया की विस्तृत जांच कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

 

दवा व्यापारियों ने जीएसआर 817 और कोविड काल में लागू किए गए जीएसआर 220 को वापस लेने की मांग भी उठाई है। संगठन का कहना है कि इन प्रावधानों के माध्यम से ऑनलाइन दवा बिक्री को बढ़ावा मिला है, जिससे पारंपरिक मेडिकल स्टोर प्रभावित हुए हैं। साथ ही कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा भारी छूट देकर दवाएं बेचने पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।

 

अमित तिवारी ने कहा कि मेडिकल स्टोर संचालक दवा बेचने के लिए विधिवत ड्रग लाइसेंस प्राप्त करते हैं और निर्धारित नियमों का पालन करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही व्यवस्था ऑनलाइन दवा कंपनियों पर भी समान रूप से लागू की गई है। उन्होंने कहा कि यदि ऑनलाइन कंपनियां नियमों के अनुरूप कार्य कर रही हैं, तो इसकी पारदर्शी निगरानी होनी चाहिए।

 

देशव्यापी बंद के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए एसोसिएशन ने आकस्मिक परिस्थितियों हेतु एक टोल फ्री नंबर जारी करने की बात कही है। संगठन का दावा है कि आपात स्थिति में मरीज फोन के माध्यम से आवश्यक दवाएं प्राप्त कर सकेंगे और किसी भी मरीज को असुविधा नहीं होने दी जाएगी।

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