उत्तर प्रदेश में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा किसान रजिस्ट्री अभियान लगातार प्रगति कर रहा है। विभागीय समीक्षा के अनुसार प्रदेश ने किसान रजिस्ट्री अभियान में भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 85.19 प्रतिशत पूरा कर लिया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर टॉप-10 राज्यों में शामिल हो गया है और नौवें स्थान के करीब पहुंच गया है।
सरकार के अनुसार प्रदेश में अब तक 2 करोड़ 45 लाख 94 हजार 831 किसानों का सफल पंजीकरण किया जा चुका है। अभियान के तहत शेष किसानों के पंजीकरण के लिए सभी जिलों में कार्य तेज किया जा रहा है।
भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए कुल 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,45,94,831 किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है, जो कुल लक्ष्य का 85.19 प्रतिशत है।
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वर्तमान में 42,75,664 किसानों का पंजीकरण शेष है। विभाग ने इसे जल्द पूरा करने के लिए अभियान की गति बढ़ा दी है।
समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार यदि अभियान को 29 अगस्त 2026 तक पूरा करना है तो प्रतिदिन लगभग 1,42,522 किसानों का पंजीकरण करना होगा।
इसी प्रकार—
- 29 सितंबर 2026 तक लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रतिदिन 71,261 किसानों का पंजीकरण आवश्यक होगा।
- 29 अक्टूबर 2026 तक लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रतिदिन 47,507 किसानों का पंजीकरण करना होगा।
इन आंकड़ों के आधार पर जिलों में पंजीकरण अभियान की गति बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
किसान रजिस्ट्री अभियान में गाजियाबाद और रामपुर ऐसे जिले बने हैं जिन्होंने भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 100 प्रतिशत किसान पंजीकरण पूरा कर लिया है। विभाग ने इन जिलों के प्रदर्शन को अन्य जिलों के लिए उदाहरण बताया है।
रिपोर्ट के अनुसार किसान रजिस्ट्री के साथ-साथ अंश निर्धारण का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में अंश निर्धारण की प्रगति 88.92 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इस प्रक्रिया से भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण, किसानों की पहचान का सत्यापन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के संचालन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
किसान रजिस्ट्री अभियान को प्रदेश में डिजिटल कृषि प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे पात्र किसानों तक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सके।
सरकारी जानकारी के अनुसार इस डाटाबेस का उपयोग प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, कृषि ऋण, कृषि सब्सिडी और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान में भी किया जाएगा।
विभागीय स्तर पर सभी जिलों को शेष किसानों का पंजीकरण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक पात्र किसान को डिजिटल पहचान से जोड़ना है ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा सके।
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