वाराणसी में गंगा घाट पर इफ्तार पार्टी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और बढ़ता जा रहा है। मामले में शिकायतकर्ता पक्ष के वकील ने आरोप लगाया है कि सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में उन्हें और वादी पक्ष को धमकियां दी गईं।
गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी और कथित रूप से हड्डियां फेंकने के आरोपों के बाद यह मामला चर्चा में आया था। अब वादी पक्ष के वकील शशांक शेखर त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि अदालत के भीतर ही कुछ लोगों ने उन्हें धमकी दी।
वकील के अनुसार सुनवाई के दौरान 8-10 लोगों ने कथित रूप से उन्हें चेतावनी दी और कहा कि उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वादी को लगातार फोन पर धमकियां मिल रही हैं। इस संबंध में उन्होंने एक और मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है।
वकील ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मामले के मुख्य वादी और भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी रजत जायसवाल ने भी सिगरा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस के अनुसार मामले में पहले ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जा चुका है और अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
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