लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ का अपना कार्यक्रम रद्द कर राजधानी पहुंच गए। देर शाम मुख्यमंत्री सीधे घटनास्थल पहुंचे और वहां मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्य तथा मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री के आगमन के साथ ही प्रशासनिक गतिविधियां और तेज हो गईं। इस बीच राहत और सर्च ऑपरेशन से जुड़ी टीमें लगातार अपने अभियान में लगी हुई हैं।
अग्निकांड की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ के निर्धारित कार्यक्रमों को बीच में ही निरस्त कर दिया था। लखनऊ पहुंचने के बाद उन्होंने घटनास्थल पर जाकर हालात का जायजा लिया। मौके पर पहले से ही उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, डीजीपी राजीव कृष्ण, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री केजीएमयू जाकर अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल भी जानेंगे। इसके साथ ही वह पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाने वाले हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार घायलों का उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की गंभीरता को देखते हुए फायर विभाग के अधिकारियों से फोन पर बातचीत की और उन्हें कड़ी फटकार लगाई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की लापरवाही या जिम्मेदारी इस घटना में सामने आएगी, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार प्रथम दृष्टया कई लोगों की मौत दम घुटने की वजह से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
इस हादसे के बाद भवन की सुरक्षा व्यवस्था, निकास मार्ग, अग्निशमन मानकों और एनओसी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। मुख्यमंत्री के घटनास्थल पहुंचने के बाद अब जांच और जवाबदेही पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें