उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में पिछले नौ वर्षों के दौरान विभिन्न केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े आंकड़े जारी करते हुए दावा किया है कि वर्ष 2017 के बाद इन योजनाओं का लाभ पहले की तुलना में कहीं अधिक लोगों तक पहुंचा है। सरकार की ओर से जारी जानकारी में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित कई योजनाओं के लाभार्थियों और उपलब्धियों का उल्लेख किया गया है।
सरकार के अनुसार, वर्ष 2017 के बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के कारण योजनाओं के क्रियान्वयन की गति बढ़ी, जिससे बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थियों तक सरकारी सहायता पहुंची। जारी आंकड़ों में आवास निर्माण, शौचालय निर्माण, एलपीजी कनेक्शन वितरण और किसानों को बीमा दावों के भुगतान जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि का दावा किया गया है।
सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले नौ वर्षों में राज्य में 62 लाख से अधिक परिवारों को इस योजना के तहत आवास उपलब्ध कराए गए। सरकारी जानकारी में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2014 से 2017 के बीच योजना के क्रियान्वयन की गति अपेक्षाकृत धीमी रही, जबकि वर्ष 2017 के बाद इसमें तेजी आई।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के संबंध में जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले नौ वर्षों में राज्य के 79 लाख से अधिक किसानों को 6,283 करोड़ रुपये से अधिक का बीमा दावा भुगतान किया गया है। योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। सरकार का कहना है कि योजना के क्रियान्वयन में राज्य स्तर पर समन्वय बढ़ने से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सका।
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में 3.31 करोड़ से अधिक व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया गया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश को 100 प्रतिशत खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) राज्य घोषित किया गया। सरकारी आंकड़ों में यह भी उल्लेख है कि प्रदेश के 94 हजार से अधिक गांवों को ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली के साथ ओडीएफ प्लस का दर्जा प्राप्त हुआ है।
सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत राज्य में लगभग 1.86 करोड़ महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। जारी जानकारी में कहा गया है कि लाभार्थियों को होली और दीपावली के अवसर पर दो मुफ्त एलपीजी रिफिल भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत उपलब्ध कराना है।

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