अलीगंज अग्निकांड के बाद चल रही जांच और कार्रवाई के बीच मंगलवार को एक और तस्वीर चर्चा में रही। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव केजीएमयू पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे में घायल हुए युवक जयंत कुमार का हाल जाना। लेकिन यह मुलाकात सिर्फ कुशलक्षेम पूछने तक सीमित नहीं रही। अस्पताल से बाहर निकलने के बाद उन्होंने पीड़ित परिवारों की आर्थिक सहायता, घायलों के इलाज और नौकरी करने वाले युवाओं के वेतन को लेकर भी कई मांगें सामने रखीं।
अखिलेश यादव ने डॉक्टरों से जयंत कुमार की चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी ली और उसके बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और घायलों का पूरा इलाज सुनिश्चित किया जाए।
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अखिलेश यादव ने कहा कि जो घायल युवक नौकरी कर रहे थे, उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने तक वेतन मिलता रहना चाहिए। इस मांग ने चर्चा को केवल मुआवजे से आगे बढ़ाकर उन युवाओं की आर्थिक स्थिति की ओर भी केंद्रित किया, जो हादसे के बाद इलाज करा रहे हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने अकबर नगर का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी बुलडोजर कार्रवाई को लेकर दावे किए गए थे और अब अलीगंज अग्निकांड के बाद भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी और उत्तरी विधानसभा की प्रत्याशी पूजा शुक्ला भी मौजूद रहीं। इसके अलावा समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के राष्ट्रीय महासचिव यामीन खान, प्रदेश अध्यक्ष शकील नदवी, अदनान खान, फखरूल हसन चांद, नवीन धवन बंटी समेत कई नेता भी उपस्थित रहे।
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