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अम्बेडकरनगर में पौधों की बारात बनी वन महोत्सव की सबसे बड़ी पहचान

अम्बेडकरनगर में वन महोत्सव के दौरान पौधों की बारात, वृक्षारोपण, ग्रीन चौपाल और 'आम बहार आपके द्वारा' कार्यक्रम में लोगों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
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Bureau News Desk
03 Jul 2026
10:30 PM
1 min read
अम्बेडकरनगर में पौधों की बारात बनी वन महोत्सव की सबसे बड़ी पहचान
अम्बेडकरनगर में वन महोत्सव के दौरान निकाली गई पौधों की बारात
हाइलाइट्स
अम्बेडकरनगर में वन महोत्सव के तहत पौधों की बारात, ग्रीन चौपाल और वृक्षारोपण अभियान आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया गया।
ग्रीन चौपाल में जल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन पर जागरूकता फैलाई गई।

वन महोत्सव के अवसर पर अम्बेडकरनगर में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में वन विभाग ने कई जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम आयोजित किए। अकबरपुर रेंज में निकाली गई 'पौधों की बारात', आयोजित ग्रीन चौपाल, व्यापक वृक्षारोपण अभियान और 'आम बहार आपके द्वारा' आम भंडारे ने लोगों को प्रकृति संरक्षण का संदेश देने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा दिया।

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, ग्रामीणों, शिक्षकों और वन विभाग के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने, जल संरक्षण अपनाने और हरित वातावरण विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

वन महोत्सव के तहत सावित्री बाई फुले राजकीय इंटर कॉलेज, कुर्की बाजार परिसर में मुख्य अतिथि कटेहरी विधायक धर्मराज निषाद ने विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी जगदम्बिका प्रसाद सहित वन विभाग के अधिकारी, विद्यालय के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण को पर्यावरण संरक्षण के साथ भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जोड़ते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया गया।

वन महोत्सव के दौरान आयोजित 'पौधों की बारात' कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। छात्र-छात्राएं और ग्रामीण हाथों में पौधे लेकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों के साथ रैली में शामिल हुए। इस दौरान प्रतिभागियों ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण का संदेश भी दिया।

रैली के माध्यम से लोगों को अपने घर, विद्यालय, खेत और सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक भागीदारी से जोड़ना रहा।

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित ग्रीन चौपाल में ग्रामीणों को जल संरक्षण, जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन और हरित पर्यावरण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। वन विभाग के अधिकारियों ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्थानीय स्तर पर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सामुदायिक सहयोग की भूमिका पर भी चर्चा की। चौपाल में ग्रामीणों को अपने गांव को स्वच्छ और हरित बनाने के लिए पौधारोपण और संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया।

वन महोत्सव के दौरान आयोजित 'आम बहार आपके द्वारा' आम भंडारे में स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर आम सहित अन्य फलदार वृक्षों के पोषण, आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व पर जानकारी साझा की गई।

वन विभाग की ओर से लोगों से अपने घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक संख्या में फलदार पौधे लगाने की अपील की गई, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय जैव विविधता और पोषण सुरक्षा को भी बढ़ावा मिल सके।

प्रभागीय वनाधिकारी जगदम्बिका प्रसाद ने बताया कि वन महोत्सव के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वृक्षारोपण और जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जनभागीदारी बढ़ाने के लिए विद्यालयों, ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदायों के सहयोग से विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

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