अम्बेडकरनगर, संवाददाता। रात के करीब तीन बजे थे। अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, तभी जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के जमलूपुर गांव में अचानक अफरा-तफरी मच गई। गांव के रहने वाले सचिन सिंह के पोल्ट्री फार्म से उठती आग की ऊंची लपटों ने कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके को जगा दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और लगभग 5000 मुर्गियों के पालन की क्षमता वाले बड़े पोल्ट्री फार्म को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी, लेकिन आग की तीव्रता लगातार बढ़ती चली गई। स्थानीय लोगों के प्रयासों के बावजूद आग पर काबू पाना आसान नहीं था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही समय में फार्म की संरचना, उपकरण और अन्य सामान आग की भेंट चढ़ गए।
बताया जा रहा है कि सचिन सिंह का यह पोल्ट्री फार्म करीब 5000 मुर्गियों के पालन की क्षमता वाला था। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी किया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना समय रहते दे दी गई थी, लेकिन दमकल विभाग की गाड़ी करीब तीन घंटे बाद मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि राहत दल समय पर पहुंच जाता तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। इसी मुद्दे को लेकर गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। जहांगीरगंज थानाध्यक्ष रितेश पाण्डेय ने बताया कि आग किन परिस्थितियों में लगी, इसकी जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित किसान को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस अग्निकांड के बाद एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता और उनकी त्वरित प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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