उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने और शिक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को अम्बेडकरनगर में 'स्कूल चलो अभियान' की शुरुआत की गई। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कलेक्ट्रेट परिसर से अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा का शुभारंभ किया गया, जबकि परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सहायता राशि भी भेजी गई।
यह अभियान ऐसे बच्चों का विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने पर केंद्रित है, जो अब तक शिक्षा की मुख्यधारा से नहीं जुड़ सके हैं। इसके साथ ही अभिभावकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर बच्चों की नियमित स्कूल उपस्थिति को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।



कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि 'स्कूल चलो अभियान' का उद्देश्य केवल नए नामांकन कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना भी है। अभियान के माध्यम से शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज की सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया जा रहा है।
शिक्षा विभाग की ओर से विभिन्न स्तरों पर जनसंपर्क गतिविधियों और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए अभिभावकों को बच्चों के नियमित विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा का भी शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को उपचार संबंधी सुविधाओं तक अधिक सहज और त्वरित पहुंच उपलब्ध कराना है।
इसके साथ ही परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित की गई। यह राशि विद्यार्थियों के लिए आवश्यक शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने में उपयोग की जाएगी।
कार्यक्रम में बताया गया कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली के माध्यम से सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र परिवारों तक सरकारी सहायता पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है, ताकि विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षिक संसाधन उपलब्ध हो सकें।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुन्दर वर्मा, जिलाधिकारी ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी आनंद शुक्ला, बेसिक शिक्षा अधिकारी पूनम मिश्रा सहित जनपद के कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा को समाज के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही पात्र परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।
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