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अयोध्या दान प्रकरण में अभी करना होगा इंतजार, एसआईटी को रिपोर्ट के लिए मिला 15 जुलाई तक का समय

23 जून को सौंपी गई थी प्रारंभिक रिपोर्ट, एफआईआर दर्ज होने और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
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Bureau News Desk
01 Jul 2026
03:07 PM
1 min read
अयोध्या दान प्रकरण में अभी करना होगा इंतजार, एसआईटी को रिपोर्ट के लिए मिला 15 जुलाई तक का समय
अयोध्या दान प्रकरण में एसआईटी को अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 जुलाई तक का अतिरिक्त समय दिया गया है।
हाइलाइट्स
अयोध्या दान प्रकरण में एसआईटी को अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 जुलाई तक का अतिरिक्त समय दिया गया है।
एसआईटी ने मामले के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जांच के लिए समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था।
23 जून को एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी थी।
प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को पहली एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें 8 नामजद आरोपियों सहित अन्य अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया।

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े दान प्रकरण में विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट के लिए अब कुछ और इंतजार करना होगा। जांच के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत पड़ताल पूरी करने के लिए एसआईटी को अतिरिक्त समय दिया गया है। अब जांच दल को अपनी अंतिम रिपोर्ट 15 जुलाई तक उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपनी होगी।

सरकारी जानकारी के अनुसार, एसआईटी ने मामले की गहन जांच के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। अनुरोध स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट प्रस्तुत करने की नई समय-सीमा 15 जुलाई निर्धारित कर दी है।

एसआईटी दान प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच दल का उद्देश्य मामले के प्रत्येक पहलू का परीक्षण कर तथ्यों के आधार पर अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करना है। अतिरिक्त समय मिलने के बाद अब एसआईटी शेष जांच प्रक्रिया पूरी कर निर्धारित तिथि तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि इस मामले की जांच पूरी निष्पक्षता और गंभीरता के साथ की जाएगी तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा था कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया था। जांच का दायरा दान प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं को शामिल करता है, ताकि तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल की जा सके।

एसआईटी के प्रमुख सदस्य एवं लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने 23 जून को गृह विभाग को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में की गई संस्तुतियों के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

इसके बाद 25 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर में आठ नामजद व्यक्तियों के साथ अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

पुलिस के अनुसार, एफआईआर में नामजद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में आगे की जांच एसआईटी की निगरानी में जारी है। अब अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी।

अब इस पूरे प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण चरण एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट है, जिसे 15 जुलाई तक सरकार को सौंपा जाना है। रिपोर्ट में जांच के निष्कर्ष और आवश्यक संस्तुतियां शामिल होंगी, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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