अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े कथित गबन और अनियमितताओं के मामले में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। यह फैसला उस समय सामने आया है जब मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की प्रारंभिक जांच के आधार पर गुरुवार को आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में चढ़ावे के प्रबंधन, लेखा-जोखा और निगरानी व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
बताया गया है कि दर्ज एफआईआर में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के चालक टिन्नू यादव समेत आठ लोगों को नामजद किया गया है। शिकायत ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की ओर से दर्ज कराई गई, जिन्हें पूर्व ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद ट्रस्ट में शामिल किया गया था।
इस्तीफों की पुष्टि राम मंदिर निर्माण समिति के प्रमुख नृपेंद्र मिश्र ने की। सूत्रों के अनुसार, दोनों पदाधिकारियों ने जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से अपने पद छोड़ने का निर्णय लिया।
इस घटनाक्रम के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष लगातार मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि कई सामाजिक संगठनों का कहना है कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े किसी भी मामले में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट और पुलिस जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
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