उत्तर प्रदेश के रायबरेली में दिशा की बैठक के बाद राहुल गांधी द्वारा रेलवे से जुड़ी समस्याओं को लेकर डीआरएम को लिखे गए पत्र पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई। उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और अमेठी सांसद केएल शर्मा के बीच इस मुद्दे पर जुबानी जंग देखने को मिली।
दिशा की बैठक के बाद उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और अमेठी सांसद केएल शर्मा के बीच राहुल गांधी द्वारा रेलवे से जुड़ी समस्याओं पर डीआरएम को लिखे गए पत्र को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप-प्रत्यारोप किए।
डीआरएम को पत्र लिखने पर उठे सवाल: उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा सीधे डीआरएम को पत्र लिखना उचित प्रक्रिया नहीं है। उनके अनुसार, इस तरह के मामलों को सदन में उठाया जाना चाहिए या संबंधित केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया जाना चाहिए।
केएल शर्मा का पलटवार: मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेठी सांसद केएल शर्मा ने कहा कि मंत्री तथ्यों की जानकारी के बिना बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा, होमवर्क तो यहां के मंत्री करते नहीं हैं, उनसे कह दो होमवर्क कर लिया करें।
शर्मा ने स्पष्ट किया कि रेलवे से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए डीआरएम द्वारा सभी सांसदों को पत्र भेजा गया था। इसी क्रम में उन्होंने भी अपने क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराने के लिए पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि इसी प्रक्रिया के तहत राहुल गांधी सहित अन्य सांसदों ने भी डीआरएम को पत्र भेजा है।
मंत्री का राहुल गांधी पर तंज: दिशा बैठक के बाद मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी की अनुपस्थिति को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बैठक में उनकी अनुपस्थिति चिंताजनक है और जिले के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण अवसरों पर उनका मौजूद न रहना सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि रायबरेली के विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी आवश्यक है और इस तरह की बैठकों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति अहम होती है।
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