डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ में पल्मोनरी एवं एक्स्ट्रा-पल्मोनरी क्षय रोग पर RTPMU स्तर का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पूरे दिन चले कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का आयोजन पल्मोनरी मेडिसिन विभाग, RMLIMS द्वारा क्वालिटी सेल RTPMU लखनऊ, स्टेट टीबी सेल और नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम -NTEP के सहयोग से किया गया। उद्घाटन सत्र में संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. सी.एम. सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
प्रो. डॉ. अजय कुमार वर्मा ने स्वागत भाषण में टीबी के इतिहास, प्रसार और नियंत्रण में प्रशिक्षण की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रो. सी.एम. सिंह ने कहा कि आधुनिक आणविक जांचों के माध्यम से अब टीबी का सटीक निदान और साक्ष्य-आधारित उपचार संभव हुआ है।
पद्मश्री प्रो. राजेन्द्र प्रसाद और प्रो. सूर्यकांत ने टीबी प्रबंधन में आए बदलाव, शीघ्र पहचान और उपचार की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में टीबी के निदान, ड्रग-रेसिस्टेंस, प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट, सह-रोग प्रबंधन और रेडियोलॉजी सहित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत प्रस्तुति दी।
इसके अलावा क्रिटिकल केयर प्रबंधन, पोस्ट-टीबी फेफड़ों की बीमारी और बाल्यावस्था टीबी जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
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