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कंडक्टरों की भारी कमी से यूपी रोडवेज की 2,600 बसें ठप: 9 साल बाद फिर शुरू हुई ‘मृतक आश्रित योजना’

News Desk
News Desk Senior Journalist
05 May 2025
07:44 AM
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कंडक्टरों की भारी कमी से यूपी रोडवेज की 2,600 बसें ठप: 9 साल बाद फिर शुरू हुई ‘मृतक आश्रित योजना’

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) को इस समय कंडक्टरों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे प्रदेश भर में करीब 2,600 बसें सड़कों से बाहर हो गई हैं। कुल 13,000 बसों में से लगभग 20% बसें संचालन के लिए जरूरी स्टाफ के अभाव में खड़ी हैं।

समस्या से निपटने के लिए बड़ा कदम


UPSRTC के प्रवक्ता अमरनाथ सहाय ने बताया कि इस संकट से निपटने के लिए निगम ने नौ साल बाद फिर से ‘मृतक आश्रित योजना’ को पुनः शुरू किया है। इस योजना के तहत निगम 1,145 मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को कंडक्टर और 20 को ड्राइवर के रूप में नियुक्त करेगा।

महिला कंडक्टरों के लिए विशेष भर्ती अभियान


इसके अलावा, महिला कंडक्टरों की नियुक्ति के लिए चलाए गए विशेष भर्ती अभियान के तहत 5,000 पदों के लिए 6,150 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सहाय ने बताया कि इन आवेदनों की समीक्षा की जा रही है और जल्द ही चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी।

संविदा पर बढ़ेगा भरोसा


वर्तमान में UPSRTC के पास 16,298 कंडक्टर हैं, जिनमें से 3,918 तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) अनुबंध पर कार्यरत हैं। स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए निगम अब अतिरिक्त 4,000 संविदा कंडक्टरों की नियुक्ति करने की योजना बना रहा है।

फ्लीट विस्तार की तैयारी में भी बाधा


सहाय के अनुसार, यह संकट ऐसे समय में सामने आया है जब निगम अपने बेड़े में 3,000 नई बसें जोड़ने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा,
“हमारे पास अभी मौजूदा बसों के लिए ही पर्याप्त कंडक्टर नहीं हैं, ऐसे में नए फ्लीट के लिए स्टाफ तैयार रखना और भी जरूरी है।”

यूपी रोडवेज की बस सेवाएं लाखों यात्रियों की रीढ़ हैं, और इस संकट से दैनिक यातायात प्रभावित हो रहा है। निगम द्वारा उठाए गए इन त्वरित कदमों से उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सेवाएं पटरी पर लौटेंगी।

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