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लखनऊ में हुआ भयावर बस एक्सीडेंट : एक के बाद एक कई गाड़ियो में मारी टक्कर

News Desk
News Desk Senior Journalist
09 May 2025
08:32 AM
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लखनऊ में हुआ भयावर बस एक्सीडेंट : एक के बाद एक कई गाड़ियो में मारी टक्कर


>शुक्रवार दोपहर लखनऊ की व्यस्त कानपुर रोड पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसने न सिर्फ यातायात को ठप कर दिया बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। किदवईनगर डिपो से चारबाग होते हुए कानपुर जा रही रोडवेज बस (UP 77 AN 1791) जुनाबगंज तिराहे के पास स्टेयरिंग फेल होने के कारण बेकाबू हो गई और एक के बाद एक कई वाहनों को टक्कर मारती हुई दुकान में घुसकर पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में कुल 9 लोग घायल हुए, जिनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं।


>हादसे की भयावहता


>घटना में घायलों की सूची लंबी है—कानपुर के बस चालक सूरज, बिजनौर के रवि कुमार, उन्नाव के साहिल और जितेंद्र कुमार, लखीमपुर के मिथिलेश, बिहार की संगीता और उनके दो नन्हे बच्चे निशांत (3 वर्ष) और रेयांश (5 माह), इसके अलावा ई-रिक्शा चालक विनय और छोटा हाथी चला रहे मोनू को भी गंभीर चोटें आईं। राहत की बात यह रही कि अधिकतर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, लेकिन यह सवाल अपनी जगह कायम है कि क्या यह हादसा रोका जा सकता था?


>तकनीकी खामी या रखरखाव में लापरवाही?


>बस की स्टेयरिंग फेल होना इस पूरे हादसे की जड़ है। एक भारी वाहन, जिसमें 25 यात्री सवार थे, यदि सड़क पर चलने से पहले ठीक से जांचा नहीं गया था, तो यह सिर्फ तकनीकी चूक नहीं, बल्कि प्रशासन और रोडवेज प्रबंधन की लापरवाही भी है। क्या बसों की नियमित जांच की व्यवस्था वाकई कारगर है? अगर हां, तो इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?


>रेस्क्यू में तत्परता, लेकिन सवाल बाकी हैं


>हादसे के बाद मौके पर एडीसीपी अमित कुमावत ने पुलिस बल के साथ तत्काल पहुंचकर राहत कार्य शुरू करवाया। स्थानीय लोगों ने भी साहसिकता दिखाई और पलटी हुई बस से यात्रियों को बाहर निकालने में सहायता की। करीब एक घंटे तक कानपुर रोड पर लंबा जाम लगा रहा। दो क्रेनों की मदद से बस और अन्य क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया गया। लेकिन सवाल यही है कि क्या हमारी सड़कें और व्यवस्था अचानक आने वाले ऐसे खतरों से निपटने के लिए तैयार हैं?

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