Thursday, 25 June 2026 | Lucknow | 29°C

सुशांत गोल्फ सिटी पर आज फैसला: अंसल की विदाई तय या नई शुरुआत?

News Desk
News Desk Senior Journalist
19 May 2025
11:53 PM
1 min read
62
सुशांत गोल्फ सिटी पर आज फैसला: अंसल की विदाई तय या नई शुरुआत?


>लखनऊ की सबसे बहुचर्चित और महात्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक सुशांत गोल्फ सिटी इन दिनों कानूनी उलझनों के चक्रव्यूह में फंसी हुई है। लेकिन आज, 20 मई, का दिन इस पूरे प्रोजेक्ट की दिशा और दशा तय करने वाला हो सकता है। राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) इस मामले में बड़ा फैसला सुना सकता है, जो न केवल अंसल ग्रुप की भूमिका को परिभाषित करेगा, बल्कि लाखों निवेशकों और शहर की भविष्य की योजना पर भी असर डालेगा।


>पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब 24 फरवरी को NCLT ने अंसल प्रॉपर्टीज़ को एक फाइनेंस कंपनी की याचिका पर दिवालिया घोषित कर दिया। लेकिन इस प्रक्रिया में न तो लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और न ही आवास विकास परिषद को पक्षकार बनाया गया। LDA ने इस निर्णय को एकतरफा और अधूरी सुनवाई पर आधारित बताते हुए NCLAT का दरवाजा खटखटाया।


>NCLAT ने मामले की गंभीरता को देखते हुए न केवल LDA को पक्ष रखने की अनुमति दी, बल्कि 25 अप्रैल को सुनवाई के बाद NCLT के आदेश पर फिलहाल रोक भी लगा दी। अगली सुनवाई के लिए 20 मई की तारीख तय की गई, जो आज है। अब सभी की निगाहें NCLAT पर टिकी हैं।


>सबसे दिलचस्प तथ्य यह है कि जिस फाइनेंस कंपनी की 83 करोड़ की बकाया राशि पर यह दिवालियापन प्रक्रिया शुरू की गई, उसके सामने LDA का दावा कहीं ज़्यादा बड़ा है। LDA ने 4000 करोड़ रुपये की देनदारी का दावा किया है, जिसमें टाउनशिप की बंधक जमीन, मानचित्र शुल्क और सरकारी ज़मीन की लागत शामिल है। इतना बड़ा वित्तीय हित दांव पर होने के बावजूद पहले की प्रक्रिया में LDA को सुना ही नहीं गया।


>सूत्रों की मानें तो NCLAT आज अंसल को दिवालिया घोषित करने के आदेश पर पूर्ण रोक लगा सकता है और टाउनशिप के विकास की जिम्मेदारी किसी अन्य कंपनी को सौंपने का रास्ता भी खोल सकता है। यह फैसला न सिर्फ अंसल ग्रुप के लिए निर्णायक होगा, बल्कि हजारों निवेशकों और गृहस्वामियों के लिए भी उम्मीद की किरण बन सकता है, जो वर्षों से अपने आशियाने का सपना संजोए हुए हैं।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?