असम सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देते हुए महंगाई भत्ता-डीए और महंगाई राहत-डीआर में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। बढ़ोतरी के बाद डीए और डीआर की दर 60 प्रतिशत हो जाएगी। सरकार के अनुसार नई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी और इसका लाभ आगामी वेतन भुगतान के साथ कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को मिलेगा।
महंगाई भत्ते में वृद्धि के बाद कर्मचारियों के वेतन में भी बढ़ोतरी होगी। यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30,000 रुपये है, तो पहले उसे 58 प्रतिशत डीए के हिसाब से 17,400 रुपये मिलते थे। 60 प्रतिशत डीए लागू होने पर यह राशि 18,000 रुपये हो जाएगी। इस प्रकार कर्मचारी को 600 रुपये अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इसी तरह 50,000 रुपये मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी को पहले 29,000 रुपये डीए मिलता था। नई दर लागू होने पर यह बढ़कर 30,000 रुपये हो जाएगा। यानी ऐसे कर्मचारी को प्रति माह 1,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
सरकारी जानकारी के अनुसार बढ़ी हुई राशि जून 2026 के वेतन भुगतान में शामिल होकर कर्मचारियों के खातों में पहुंचेगी। इससे राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई के दौर में अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलेगी।
कैबिनेट बैठक में केवल डीए बढ़ोतरी ही नहीं, बल्कि निचले स्तर के कर्मचारियों के करियर से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले को भी मंजूरी दी गई।
सरकार ने 'असम माध्यमिक शिक्षा-प्रांतीयकृत स्कूल सेवा नियम, 2026' में संशोधन को स्वीकृति दी है। इस बदलाव के बाद स्कूलों और सरकारी विभागों में कार्यरत ग्रेड-4 कर्मचारियों के लिए ग्रेड-3 पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया अधिक नियमित और आसान हो जाएगी।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में चुनावी जीत के बाद आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई और कई प्रशासनिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
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