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अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत का एक्सपोर्ट चमका, 2025 में रिकॉर्ड तोड़ बढ़त से दुनिया हुई हैरान

Business News: अमेरिकी टैरिफ के दबाव के बीच भारत ने ऐसा कमाल किया जिसे कोई नहीं सोच सकता था, 2025 के एक्सपोर्ट आंकड़े देखकर अब दुनिया भी मान गई — भारत अब रुकने वाला नहीं!
News Desk
News Desk Senior Journalist
16 Oct 2025
01:27 AM
1 min read
87
अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत का एक्सपोर्ट चमका, 2025 में रिकॉर्ड तोड़ बढ़त से दुनिया हुई हैरान


>अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने दुनिया को चौंका दिया है। वर्ष 2025 में भारत का एक्सपोर्ट और इंपोर्ट दोनों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। भारत सरकार की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष की अप्रैल से सितंबर तिमाही में देश के कुल विदेशी व्यापार में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है।


>जहां एक ओर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं सुस्ती का सामना कर रही हैं, वहीं भारत अपनी नीतिगत मजबूती और नए व्यापारिक रास्तों के सहारे तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।


>सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में भारत का आयात 4.53 प्रतिशत बढ़ा है, जिससे कुल विदेशी व्यापार 375.11 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं, निर्यात में 3.02 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह 220.12 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।


>सितंबर 2025 के आंकड़े और भी उत्साहजनक हैं इस महीने भारत का वस्तु निर्यात 6.74 प्रतिशत बढ़ा है और कुल मूल्य 36.38 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं, वस्तु आयात में 16.6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जो बढ़कर 68.53 अरब डॉलर हो गया। सोना, चांदी, उर्वरक और कच्चे तेल के आयात में आई उछाल ने इस वृद्धि को बल दिया।


>भारत सरकार के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता और अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारतीय वस्तुओं और सेवाओं की मांग में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने बताया कि घरेलू उद्योगों ने अपनी सप्लाई चेन और ट्रेड सिस्टम को स्थिर बनाए रखा है, जिससे भारत की स्थिति मजबूत बनी हुई है। सरकार अमेरिकी टैरिफ के विभिन्न उत्पादों पर प्रभाव का अध्ययन कर रही है, साथ ही नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों की तलाश में भी जुटी है ताकि अमेरिका पर निर्भरता कम की जा सके।


>जारी डेटा के अनुसार, भारत ने इंजीनियरिंग उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक सामान, औषधियों, रसायनों, रत्न-आभूषण और चावल के निर्यात में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की है। ये सेक्टर न केवल भारत की विदेशी मुद्रा आय बढ़ा रहे हैं, बल्कि “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” जैसे अभियानों को भी नई ताकत दे रहे हैं।


>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2027 तक भारत की विकास दर लगातार ऊंचाई छूएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था अब केवल एक उभरता बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक ग्रोथ का इंजन बनती जा रही है।

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