>अमेरिका द्वारा 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के फैसले ने भारत के निर्यातकों को बड़ा झटका दिया है। खासकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और पंजाब के चर्म (लेदर) व फुटवियर उद्योग पर इसका सीधा असर पड़ा है। स्थिति यह है कि निर्यातकों ने क्रिसमस और नए वर्ष के लिए अमेरिका को भेजे जाने वाले करीब 2,000 करोड़ रुपये के लेदर व फुटवियर उत्पादों के ऑर्डर फिलहाल रोक दिए हैं।
>टैरिफ वार से निपटने के लिए भारतीय निर्यातकों ने सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रणनीति तैयार की है। अब यूके, जर्मनी, फ्रांस, इटली, रूस, नीदरलैंड, नार्वे सहित 29 देशों के बाजार में नए अवसर तलाशे जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारतीय निर्यात को विविधता देगा और अमेरिकी निर्भरता घटाएगा। साल 2024-25 में उत्तर प्रदेश से 1.86 लाख करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जिसमें से अकेले 35,545 करोड़ रुपये के उत्पाद अमेरिका भेजे गए। इसमें लेदर, फुटवियर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मीट उत्पाद, गारमेंट, कालीन, स्टील, वाहन पुर्जे और ज्वेलरी शामिल रहे।
चारों राज्यों (यूपी, उत्तराखंड, बिहार, पंजाब) में 4,200 से अधिक लेदर इकाइयां और 1,500 से ज्यादा फुटवियर निर्माण इकाइयां संचालित हैं। अब इन्हीं उत्पादों को अमेरिकी बाजार की जगह यूरोपीय देशों में भेजने की तैयारी शुरू हो गई है।
>प्रभावित राज्यों का आंकड़ा
-
उत्तर प्रदेश: करीब 1,800 करोड़ का लेदर निर्यात रोका
-
उत्तराखंड: लगभग 125 करोड़ के ऑर्डर अटके
-
बिहार: 50 करोड़ के उत्पाद प्रभावित
-
पंजाब: जालंधर से 200 करोड़ के लेदर ऑर्डर रुके
>
>काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट के क्षेत्रीय अध्यक्ष असद कमल इराकी ने बताया कि क्रिसमस व न्यू ईयर के लिए बड़े पैमाने पर फुटवियर, पर्स और बेल्ट जैसे लेदर उत्पाद तैयार थे, लेकिन अब उन्हें अन्य देशों में भेजने की तैयारी हो रही है। जालंधर स्थित रघु एक्सपोर्ट्स के संचालक प्रवीन ने कहा कि टैरिफ वार ने कारोबारियों की रणनीति बदल दी है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) के अध्यक्ष एससी रल्हन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की जापान और चीन यात्रा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह कदम दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है और इससे द्विपक्षीय व्यापार को नई दिशा मिलेगी।
Deprecated: explode(): Passing null to parameter #2 ($string) of type string is deprecated in /home2/ndvtoday/public_html/app/views/frontend/single.php on line 390
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें