Thursday, 25 June 2026 | Lucknow | 29°C

सीजफायर होते ही भारतीय शेयर मार्किट की आयी दिवाली, सेंसेक्स 3000 अंक ऊपर, निवेशकों को ₹15 लाख करोड़ का फायदा

अमेरिका-ईरान तनाव में कमी से बाजार में लौटी रौनक, निफ्टी 24,000 के पार बंद।
Bureau
Bureau Senior Journalist
08 Apr 2026
04:38 PM
1 min read
149
सीजफायर होते ही भारतीय शेयर मार्किट की आयी दिवाली, सेंसेक्स 3000 अंक ऊपर, निवेशकों को ₹15 लाख करोड़ का फायदा

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की खबर के बाद भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 ने दिनभर मजबूती दिखाई और ऊंचे स्तर पर बंद हुए।

 

शुरुआत से ही बाजार में तेजी का रुख: कारोबार की शुरुआत सुबह 9:15 बजे सकारात्मक संकेतों के साथ हुई। शुरुआती हल्की गिरावट के बावजूद बाजार में खरीदारी का दबाव बना रहा। सुबह 10 बजे के बाद तेजी ने रफ्तार पकड़ी और दोपहर तक निफ्टी 24,000 के करीब पहुंच गया। दोपहर बाद भी बाजार में मजबूती कायम रही और सूचकांक दिन के उच्चतम स्तर के आसपास बंद हुए, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।

 

सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार बढ़त: बीएसई सेंसेक्स करीब 2,983 अंक यानी लगभग 4% उछलकर 77,599.66 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 889 अंकों की बढ़त के साथ 24,012.95 पर पहुंच गया।

 

निवेशकों को ₹15 लाख करोड़ का फायदा: तेजी के इस माहौल में मार्केट कैप में बड़ा इजाफा हुआ। अनुमान के मुताबिक, निवेशकों की संपत्ति में करीब 15 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई। इस उछाल का लाभ संस्थागत निवेशकों के साथ-साथ खुदरा निवेशकों को भी मिला।

 

इन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल: कारोबार के दौरान इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में करीब 10% की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट और एमएंडएम के शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर, टेक महिंद्रा, सन फार्मा और पावर ग्रिड के शेयर दबाव में रहे और गिरावट के साथ बंद हुए।

 

इन सेक्टरों ने दी बाजार को मजबूती: ऑटो, बैंकिंग और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई। खासतौर पर बैंकिंग शेयरों में आई मजबूती ने बाजार को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई।

 

तेजी के पीछे ये प्रमुख कारण

बाजार में आई इस तेजी के पीछे कई प्रमुख कारक रहे—

  • अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर
  • कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
  • वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुझान
  • रुपये की मजबूती
  • भारतीय रिजर्व बैंक की स्थिर मौद्रिक नीति
  • वैल्यू बाइंग
  • बाजार में घटती अस्थिरता

 

बाजार की नजर अब Reserve Bank of India की आगामी नीतिगत घोषणाओं, महंगाई दर और आर्थिक वृद्धि से जुड़े संकेतों पर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों में स्थिरता बनी रहने पर बाजार में सकारात्मक रुख जारी रह सकता है।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें