इमेज सोर्स (एआई)
पश्चिम एशिया में जारी तनाव, बढ़ती महंगाई और एविएशन सेक्टर पर बढ़ते लागत दबाव के बीच महाराष्ट्र सरकार ने एटीएफ पर वैट में बड़ी कटौती का ऐलान किया है। राज्य सरकार ने एटीएफ पर लगने वाले वेट को 18 प्रतिशत से घटाकर सीधे 7 प्रतिशत कर दिया है। नई व्यवस्था शुक्रवार 15 मई से लागू हो गई है और यह आगामी 14 नवंबर तक प्रभावी रहेगी।
सरकार के इस फैसले को एयरलाइंस कंपनियों और हवाई यात्रियों दोनों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। एविएशन सेक्टर में एटीएफ को सबसे महंगे परिचालन खर्चों में शामिल किया जाता है। ऐसे में टैक्स में कटौती से एयरलाइंस की लागत में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे हवाई किरायों पर बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
इस फैसले की जानकारी केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरपू राम मोहन नायडू ने एक्स पर साझा की। उन्होंने अपने पोस्ट में देवेंद्र फडणवीस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में एविएशन सेक्टर को राहत देने वाला है।
Due to the West Asia crisis, the Indian aviation industry is facing certain issues like air space closures, uncertain operations, spike in ATF prices. During these times, under the leadership of Hon'ble PM Shri @narendramodi ji, the government of India has given multiple respites… pic.twitter.com/Ayd671wWbq
— Ram Mohan Naidu Kinjarapu (@RamMNK) May 15, 2026
सरकार के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण एयरलाइंस कंपनियों की ऑपरेशनल लागत लगातार बढ़ रही थी। एटीएफ पर टैक्स कम करने का मुख्य उद्देश्य इसी दबाव को कम करना है, ताकि उड़ानों का संचालन प्रभावित न हो और यात्रियों पर किराए के रूप में अतिरिक्त बोझ न पड़े।
महाराष्ट्र देश के सबसे व्यस्त एविएशन नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल है। राज्य में कुल 16 संचालित हवाई अड्डे हैं और यहां सालाना करीब 7.5 करोड़ यात्री हवाई यात्रा करते हैं। औसतन प्रतिदिन लगभग दो लाख यात्री राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट्स से यात्रा करते हैं। ऐसे में वेट में कटौती का असर राज्य के सभी प्रमुख हवाई अड्डों और वहां से संचालित उड़ानों पर देखने को मिल सकता है।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें