राम मंदिर चढ़ावा जांच में चंपत राय समेत चार नामों पर फोकस, दूसरे दिन भी जारी रही पूछताछ

अयोध्या में कथित चढ़ावा मामले की जांच लगातार दूसरे दिन भी जारी रही, एसआईटी ने पहले दिन 43 लोगों से पूछताछ की और ट्रस्ट से जुड़े चार नाम प्राथमिक जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं

 

अयोध्या, राम मंदिर में कथित चढ़ावा मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) लगातार दूसरे दिन भी जांच में जुटा रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित एसआईटी ने पहले दिन मंदिर परिसर में आठ घंटे से अधिक समय बिताकर विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की थी। जांच के दूसरे दिन भी टीम अयोध्या के सरयू अतिथि गृह में मौजूद रही। सूत्रों के अनुसार, जांच के शुरुआती चरण में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चार लोगों के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं। इनमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, राम मंदिर व्यवस्थापक गोपाल राव, ट्रस्टी अनिल मिश्र और चंपत राय के चालक राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का नाम शामिल बताया जा रहा है।

 

एसआईटी की जांच लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। शुक्रवार सुबह अयोध्या के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सरयू अतिथि गृह पहुंचे, जहां जांच टीम मौजूद है। बताया जा रहा है कि टीम आज भी विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी और संबंधित लोगों से पूछताछ का सिलसिला जारी रहेगा। इससे पहले पहले दिन एसआईटी ने मंदिर परिसर में आठ घंटे से अधिक समय बिताया था। जांच के दौरान टीम ने दान की राशि की गणना में इस्तेमाल होने वाली मशीनों का भी निरीक्षण किया।

 

जानकारी के अनुसार, एसआईटी ने पहले दिन कुल 43 लोगों से पूछताछ की। इनमें 24 कर्मचारी ऐसे थे, जो दान पेटियों से निकली रकम की गिनती का काम करते थे। इसके अलावा 12 ऐसे लोगों से भी पूछताछ की गई, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी से जुड़े थे। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में जिन लोगों के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं, उनमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, राम मंदिर व्यवस्थापक गोपाल राव, ट्रस्टी अनिल मिश्र और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

 

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने कथित चढ़ावा मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और राम मंदिर व्यवस्थापक गोपाल राव से भी पूछताछ की है। जांच दल पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय प्रक्रिया की समीक्षा कर रहा है। बताया जा रहा है कि एसआईटी सात दिनों के भीतर प्राथमिक रिपोर्ट सौंप सकती है, जबकि 15 दिनों के भीतर जांच पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के प्रमुख नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी कमलनयन दास ने इस मामले को लेकर एबीपी न्यूज से बातचीत में कहा कि न्याय होगा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग पहले साइकिल से चलते थे, उनके पास आज कार और संपत्ति कैसे पहुंची। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ईमानदार हैं और उन्हें भरोसा है कि मामले में न्याय होगा।

 

जानकारी के अनुसार, राम मंदिर परिसर में कुल 40 दान पेटियां स्थापित हैं। दान की राशि की गिनती की प्रक्रिया में लगभग 50 कर्मचारी शामिल रहते हैं। इनमें 24 कर्मचारी नोटों की गड्डियां तैयार करने का काम करते हैं, जबकि पूरी व्यवस्था की निगरानी 12 ट्रस्ट कर्मियों के जिम्मे रहती है। प्रत्येक दो कर्मचारियों पर एक ट्रस्ट कर्मी की नजर रहती है। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक और टीसीएस से जुड़े 14 कर्मचारी भी इस प्रक्रिया में शामिल बताए जाते हैं।

 

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एसआईटी सात दिनों के भीतर अपनी प्राथमिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकती है। इसके बाद 15 दिनों के भीतर पूरी जांच रिपोर्ट तैयार किए जाने की संभावना है। फिलहाल अयोध्या में एसआईटी की टीम मौजूद है और कथित चढ़ावा मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच जारी है।

 


 

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