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अब बच्चों की पढ़ाई से लेकर शिक्षकों के इलाज तक मिली राहत, स्कूल चलो अभियान के साथ दो बड़ी सौगातें

अम्बेडकरनगर में स्कूल चलो अभियान की शुरुआत के साथ शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज सुविधा शुरू की गई। परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि भी भेजी गई।
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Bureau News Desk
09 Jul 2026
10:21 AM
1 min read
अब बच्चों की पढ़ाई से लेकर शिक्षकों के इलाज तक मिली राहत, स्कूल चलो अभियान के साथ दो बड़ी सौगातें
हाइलाइट्स
अम्बेडकरनगर के अकबरपुर में स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ।
शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज सुविधा शुरू की गई।
विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के जरिए धनराशि भेजी गई।
अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करना है।

अम्बेडकरनगर। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ अम्बेडकरनगर के अकबरपुर खंड शिक्षा क्षेत्र में 'स्कूल चलो अभियान' का शुभारंभ किया गया। अभियान के जरिए अधिक से अधिक बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस दौरान शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा और विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित किए जाने जैसी दो प्रमुख पहल भी शुरू की गईं।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए धनराशि भेजी गई, ताकि वे बच्चों के लिए आवश्यक शैक्षिक सामग्री की खरीद कर सकें।

'स्कूल चलो अभियान' का उद्देश्य ऐसे बच्चों को विद्यालय से जोड़ना है, जिनका अब तक नामांकन नहीं हो सका है या जो किसी कारणवश पढ़ाई से दूर हैं। शिक्षा विभाग की ओर से अभियान के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों की नियमित शिक्षा के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ने उपस्थित शिक्षकों के साथ मुख्यमंत्री के अभिभाषण का सजीव प्रसारण देखा। इस दौरान शिक्षा के महत्व और प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि एक ओर शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू की गई, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि भेजी गई। इस राशि का उपयोग बच्चे की पढ़ाई से जुड़ी आवश्यक सामग्री की खरीद के लिए किया जा सकेगा।

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