केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीथारमन ने SIDBI के 37वें स्थापना दिवस समारोह में एमएसएमई के लिए कई नई पहलों की शुरुआत की। इन पहलों का उद्देश्य एमएसएमई सेक्टर को आसान ऋण, आधुनिक मशीनरी और ग्रामीण उद्यम विकास के लिए बेहतर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
समारोह के दौरान वित्त मंत्री ने SIDBI की भविष्य की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा सिडबी में 5,000 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश के बाद संस्था की भूमिका केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह एमएसएमई फाइनेंस सेक्टर में मार्केट-मेकर की भूमिका निभाएगी।
लॉन्च की गई नई पहलों में SIDBI RRB को-लेंडिंग पोर्टल, SIDBI मैचफिन मार्ट, MoRE और डीएफएस की ओर से माइक्रो एंटरप्राइजेज के लिए क्रेडिट कार्ड कार्यक्रम शामिल हैं।
SIDBI RRB को-लेंडिंग पोर्टल के माध्यम से SIDBI और आरआरबी'स मिलकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के एमएसएमई उद्यमों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराएंगे। इस पोर्टल का उद्देश्य छोटे उद्यमियों के लिए क्रेडिट एक्सेस को आसान बनाना है।
SIDBI मैचफिन मार्ट, को एमएसएमई इकाइयों के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। इसके जरिए उद्यमी संगठित मार्केटप्लेस से मशीनरी खरीद सकेंगे। प्लेटफॉर्म पर मूल्य तुलना, मानकीकरण, नई तकनीक अपनाने और एम्बेडेड लोन सुविधा जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
SIDBI ने MoRE पहल भी शुरू की है। इसके तहत अगले तीन वर्षों में 10 हजार ग्रामीण सूक्ष्म और कारीगर इकाइयों को क्लस्टर आधारित मॉडल के जरिए सहायता दी जाएगी। योजना का उद्देश्य ग्रामीण उद्यमों को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना है।
वित्तीय सेवा विभाग, भारत सरकार की ओर से माइक्रो एंटरप्राइजेज के लिए क्रेडिट कार्ड कार्यक्रम भी लॉन्च किया गया। उद्यम पंजीकृत सूक्ष्म इकाइयों को इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक की क्रेडिट सीमा वाला कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य कार्यशील पूंजी के लिए तेज और आसान वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
कार्यक्रम में वित्तीय सेवा विभाग के विशेष सचिव संजय लोहिया ने कहा कि SIDBI ने वित्तीय क्षेत्र में विश्वसनीय संस्था के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संस्था एमएसएमई बजट और भारत के एक्सटेंसिव आर्थिक विकास लक्ष्यों को मजबूत करने में आगे भी सक्रिय भूमिका निभाएगी।
वहीं, SIDBI के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनोज मित्तल ने कहा कि नई पहलें एमएसएमई फाइनेंसिंग को डिजिटल और साझेदारी आधारित मॉडल के जरिए मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि संस्था का फोकस ऋण वितरण को अधिक प्रभावी बनाने, तकनीकी अपनाने को बढ़ावा देने और ग्रामीण उद्यमों को भविष्य के लिए तैयार करने पर है।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें