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नवरात्रि में यूपी कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज, कई नए चेहरों को लेकर चर्चा गर्म

मंत्रिमंडल में रिक्त पदों, संगठनात्मक फेरबदल और संघ पदाधिकारी के प्रस्तावित दौरे ने राजनीतिक हलकों में बढी हलचल
Bureau
Bureau Senior Journalist
19 Mar 2026
11:10 PM
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नवरात्रि में यूपी कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज, कई नए चेहरों को लेकर चर्चा गर्म

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान कैबिनेट विस्तार की संभावनाओं को लेकर सत्ता और संगठन, दोनों स्तरों पर हलचल बढ़ी हुई है।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सहित राज्य मंत्रिमंडल में फिलहाल 52 मंत्री हैं, जबकि कुछ पद अभी रिक्त हैं। ऐसे में संभावित विस्तार को लेकर कई नए चेहरों के नाम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

चर्चाओं के केंद्र में समाजवादी पार्टी से जुड़े बागी नेताओं मनोज पांडे और पूजा पाल के नाम बताए जा रहे हैं। इसके अलावा आकाश सक्सेना तथा भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

सूत्रों का यह भी कहना है कि संभावित विस्तार के साथ कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है। कुछ नेताओं को संगठन में नई भूमिका दिए जाने और कुछ को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी सौंपे जाने की भी चर्चा है।

सिर्फ मंत्रिमंडल ही नहीं, संगठन स्तर पर भी बदलाव की संभावनाएं जताई जा रही हैं। प्रदेश भाजपा में महिला मोर्चा, युवा मोर्चा समेत विभिन्न मोर्चों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति और क्षेत्रीय अध्यक्षों के फेरबदल को लेकर मंथन जारी बताया जा रहा है।

इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह  का लखनऊ दौरा भी प्रस्तावित बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी के कोर ग्रुप के साथ होने वाली बैठकों में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक फेरबदल जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

हालांकि, मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में संभावित बदलावों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चाओं और अटकलों पर सभी की नजर टिकी हुई है।

चर्चाओं में कितना दम है: इस पूरे घटनाक्रम में चर्चा इसलिए दमदार मानी जा रही है क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधना अहम है। मंत्रिमंडल में रिक्त पद, नए समीकरणों की जरूरत और संगठन में संभावित फेरबदल जैसी बातें इन अटकलों को बल देती हैं।

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