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यूपी के दिव्यांग संवासियों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, हर महीने अब मिलेंगे ₹3000

मानसिक मंदित और निराश्रित दिव्यांगों की भरण-पोषण अनुदान राशि ₹2000 से बढ़ाकर ₹3000 प्रतिमाह; समीक्षा बैठक में सहायक उपकरण, काक्लियर इंप्लांट और विशेष विद्यालयों को लेकर भी दिए निर्देश
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Bureau News Desk
03 Jul 2026
01:33 PM
1 min read
यूपी के दिव्यांग संवासियों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, हर महीने अब मिलेंगे ₹3000
उत्तर प्रदेश में दिव्यांग संवासियों की मासिक अनुदान राशि ₹2000 से बढ़ाकर ₹3000, सीएम योगी आदित्यनाथ - फाइल फोटो
हाइलाइट्स
मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजनों की अनुदान राशि ₹2000 से बढ़ाकर ₹3000 प्रतिमाह।
आश्रय गृह और हाफ वे होम में रहने वाले संवासियों को मिलेगा लाभ।
सभी जिलों में नियमित सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित होंगे।
श्रवण बाधित बच्चों के काक्लियर इंप्लांट के बाद पुनर्वास पर विशेष जोर।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों और हाफ वे होम में रहने वाले मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजनों को बड़ी राहत देते हुए उनकी मासिक भरण-पोषण अनुदान राशि में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे ₹2000 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹3000 प्रतिमाह करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे दिव्यांगजन पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर रहते हैं। इसलिए उन्हें पौष्टिक भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अनुदान राशि में वृद्धि का उद्देश्य उनकी दैनिक आवश्यकताओं की बेहतर पूर्ति सुनिश्चित करना है।

गुरुवार को दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक जिले में नियमित रूप से दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।

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उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र लाभार्थियों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण समय पर उपलब्ध कराए जाएं ताकि उन्हें दैनिक जीवन में सुविधा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में श्रवण बाधित बच्चों की समय पर पहचान और काक्लियर इंप्लांट के बाद उनके प्रभावी पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केवल उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को सामान्य जीवन और शिक्षा से जोड़ने के लिए पुनर्वास की व्यवस्था भी समान रूप से महत्वपूर्ण है।

बैठक में विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की समयबद्ध नियुक्ति और तैनाती पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग की सभी योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना है।

समीक्षा बैठक में विभाग की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 12.23 लाख से अधिक दिव्यांगजन दिव्यांग पेंशन योजना से लाभान्वित हुए।

इसी अवधि में 34,420 पात्र लाभार्थियों को 43,689 सहायक उपकरण वितरित किए गए। विभाग के अनुसार 226 श्रवण बाधित बच्चों का काक्लियर इंप्लांट कराया गया है। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश के 68 जिलों से 335 बच्चों का काक्लियर इंप्लांट के लिए चिह्नांकन किया जा चुका है।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से निशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल वितरण, दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना, दुकान संचालन सहायता तथा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं।

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