Thursday, 25 June 2026 | Lucknow | 29°C

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर बस पलटी, 5 की मौत; 16 घायल

लखनऊ के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर बस पलटने से 5 लोगों की मौत और 16 घायल। लुधियाना से दरभंगा जा रही थी बस, चालक को झपकी आने की आशंका।
News Desk
News Desk Senior Journalist
23 Feb 2026
05:21 PM
1 min read
214
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर बस पलटी, 5 की मौत; 16 घायल

राजधानी लखनऊ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक डबल डेकर बस पलटने से बड़ा सड़क हादसा हो गया। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 यात्री घायल बताए गए हैं।

पुलिस के अनुसार बस लुधियाना से दरभंगा जा रही थी। गोसाईगंज थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। प्रारंभिक जानकारी में चालक को झपकी आने की आशंका जताई गई है, जिसके कारण वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय पुलिस और राहत दलों ने तत्काल बचाव अभियान चलाया और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

 

प्रशासन ने बताया कि घायलों की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। घटना के संबंध में विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?