>देश की राजनीतिक और प्रशासनिक दुनिया को मंगलवार को एक बड़ा झटका लगा, जब 79 वर्षीय पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में निधन हो गया। सत्यपाल मलिक पिछले कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे और किडनी संबंधी समस्या से जूझ रहे थे। मंगलवार दोपहर 1:10 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
>पूर्व गवर्नर चौधरी सत्यपाल सिंह मलिक जी नहीं रहें।#satyapalmalik
>— Satyapal Malik (@SatyapalMalik6) August 5, 2025
>
>राज्यपाल से जन-नेता तक का सफर
>बागपत (उत्तर प्रदेश) के मूल निवासी सत्यपाल मलिक ने छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की। मेरठ यूनिवर्सिटी से स्नातक और LLB की डिग्री लेने के बाद वे छात्र संघ अध्यक्ष बने और 1974 में पहली बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद राज्यसभा और लोकसभा दोनों के सदस्य बने। वे जनता दल, सपा, कांग्रेस, लोकदल और भाजपा जैसी कई पार्टियों में अहम भूमिका निभा चुके थे।
>राज्यपाल के रूप में बहुआयामी कार्यकाल
>सत्यपाल मलिक ने बिहार, जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय जैसे प्रमुख राज्यों में राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाली। जब अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A हटाए गए, उस समय वे वहीं के राज्यपाल थे। बाद में वे केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल भी बनाए गए।
>उनका कार्यकाल केवल प्रशासनिक सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने किसानों, लोकतंत्र और पारदर्शिता के मुद्दों पर खुलकर बयान दिए। उन्होंने कृषि कानूनों और भ्रष्टाचार जैसे विषयों पर अपनी ही सरकार के विरुद्ध भी निडर होकर आवाज़ उठाई।
>राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की श्रद्धांजलि
>उनके निधन की खबर के बाद रालोद प्रमुख व केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, भाकियू नेता राकेश टिकैत, जदयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी, कांग्रेस नेताओं प्रियंका गांधी, तारिक अनवर और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन सहित देशभर की हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया।
>अखिलेश यादव ने लिखा – "देश ने एक निर्भीक आवाज़ खो दी है। सत्यपाल मलिक ने सच्चाई की कीमत पर भी कभी चुप्पी नहीं ओढ़ी।"
>राकेश टिकैत बोले – "ग्रामीण भारत और किसानों की आवाज़ आज खामोश हो गई है।"
>प्रियंका गांधी वाड्रा ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा – "उनकी स्पष्टवादिता और सत्य के पक्ष में खड़े रहने का साहस सदैव याद किया जाएगा।"
>तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा – "वे पद से ऊपर उठकर भी सत्ताधारी व्यवस्था के सामने सच्चाई की बात करने वाले दुर्लभ व्यक्ति थे।"
>एक युग का अंत
>सत्यपाल मलिक का जाना केवल एक नेता की मृत्यु नहीं, बल्कि उस विचार का अवसान है जो सत्ताधारी व्यवस्था से टकराने का साहस रखता था। देश को निडर, स्पष्टवादी और जनहित को सर्वोपरि मानने वाले ऐसे नेताओं की हमेशा जरूरत रहेगी।
Deprecated: explode(): Passing null to parameter #2 ($string) of type string is deprecated in /home2/ndvtoday/public_html/app/views/frontend/single.php on line 390
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें