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योगी सरकार ने इन जिलों को दिए 4 नए ऑटोमेटिक टेस्ट स्टेशन

उत्तर प्रदेश की सड़कों पर अब और भी कड़ी निगरानी होगी। योगी सरकार ने एक झटके में 4 नए ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन शुरू कर दिए, जिससे वाहनों की फिटनेस जांच अब पूरी तरह हाई-टेक और पारदर्शी हो गई है।
News Desk
News Desk Senior Journalist
30 Aug 2025
03:25 AM
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60
योगी सरकार ने इन जिलों को दिए 4 नए ऑटोमेटिक टेस्ट स्टेशन


>योगी सरकार ने सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण को और सख़्ती से लागू करने के उद्देश्य से प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात दी है। प्रदेश में अब चार नए ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) स्थापित किए गए हैं, जिससे वाहनों की फिटनेस जांच की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व आधुनिक हो गई है। इन नए स्टेशनों को अंतिम पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए हैं और इसके साथ ही पूरे उत्तर प्रदेश में कार्यरत एटीएस की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।


>लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर और मीरजापुर में शुरू किए गए इन स्वचालित परीक्षण स्टेशनों पर वाहनों की फिटनेस और प्रदूषण मानकों की जांच पूरी तरह डिजिटल, कैमरा-सक्षम और एल्गोरिदम-आधारित तकनीक से की जाएगी। इससे न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि मानवीय त्रुटि और विवेकाधीनता की संभावना भी समाप्त होगी। प्रदेश सरकार का मानना है कि इस प्रणाली के माध्यम से नागरिकों को तेज़, सरल और भरोसेमंद सेवा उपलब्ध होगी, वहीं परिवहन विभाग को डेटा-आधारित निगरानी और बेहतर अनुपालन का लाभ मिलेगा।


>नए एटीएस की सूची में ए.के.आर.एस. एटीएस प्राइवेट लिमिटेड (लखनऊ), शार्प-एन-इंडिया कंसोर्टियम विद ट्रिपलए टेक इंटीग्रेटर (आगरा), एयर सेल्स कॉरपोरेशन (कानपुर नगर) और ममता हाइजीन प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (मीरजापुर) शामिल हैं। इनके जुड़ने से प्रदेश के फिरोजाबाद, बिजनौर, झांसी, मुरादाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, बरेली, फतेहपुर और रामपुर जैसे जिलों के साथ अब कुल 14 एटीएस पूरी तरह से संचालित हो रहे हैं।


>एटीएस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यहां वाहन फिटनेस की जांच पारंपरिक तरीकों के बजाय डिजिटल और स्वचालित सिस्टम से होती है। इसमें सीसीटीवी मॉनिटरिंग, ऑनलाइन पेमेंट, टाइम स्लॉटिंग और डिजिटल रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, यह AFMS–VAHAN–eChallan जैसी प्रमुख डिजिटल प्रणालियों से भी इंटीग्रेटेड है, जिससे नागरिकों को त्वरित सेवाएं और राज्य सरकार को पारदर्शी डाटा प्राप्त होता है।


>परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह का कहना है कि एटीएस नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश सरकार की रोड सेफ़्टी और पारदर्शिता को लेकर ठोस प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उनका मानना है कि स्वचालित और मानकीकृत फिटनेस परीक्षण व्यवस्था के कारण हर वाहन की स्थिति का सटीक आकलन हो सकेगा और सड़कें और अधिक सुरक्षित बनेंगी।


>उत्तर प्रदेश में एटीएस का यह विस्तार न केवल नागरिकों के लिए भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करता है, बल्कि यह राज्य सरकार की उस नीति को भी रेखांकित करता है जिसके केंद्र में सड़क सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और पारदर्शिता जैसे जनहित के मुद्दे हैं।

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